भारत ने 26 जनवरी 2025 को अपना 76वां गणतंत्र दिवस धूमधाम से मनाया

भारत ने 26 जनवरी 2025 को अपना 76वां गणतंत्र दिवस धूमधाम से मनाया, जिसमें देश की सांस्कृतिक विविधता, सैन्य शक्ति और संविधान के 75 वर्ष पूरे होने का विशेष उत्सव मनाया गया। इस वर्ष के समारोह में कई महत्वपूर्ण पहलुओं को शामिल किया गया, जो भारत की समृद्ध विरासत और विकास की कहानी को दर्शाते हैं।
मुख्य अतिथि और अंतर्राष्ट्रीय सहभागिता
इस वर्ष के गणतंत्र दिवस समारोह में इंडोनेशिया के राष्ट्रपति, श्री प्रबोवो सुबियांटो, मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उनके साथ इंडोनेशिया से 160 सदस्यीय मार्चिंग दल और 190 सदस्यीय बैंड दल ने परेड में भाग लिया, जो भारत और इंडोनेशिया के बीच मजबूत होते द्विपक्षीय संबंधों का प्रतीक है।
संविधान के 75 वर्ष: विशेष झांकियां और उत्सव
इस वर्ष भारत के संविधान के लागू होने के 75 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में परेड में दो विशेष झांकियां प्रस्तुत की गईं। इन झांकियों ने संविधान की यात्रा, उसकी प्रमुख विशेषताओं और देश के विकास में उसकी भूमिका को दर्शाया। फूलों की सजावट और व्यू कटर थीम के माध्यम से संविधान के इस महत्वपूर्ण मील के पत्थर को उजागर किया गया। कार्यक्रम के अंत में, संविधान के 75 वर्ष पूरे होने के संदेश वाले गुब्बारे आकाश में छोड़े गए, जो इस ऐतिहासिक अवसर का प्रतीक थे।
सांस्कृतिक विविधता: राज्यों और मंत्रालयों की झांकियां
गणतंत्र दिवस परेड 2025 में ‘स्वर्णिम भारत: विरासत और विकास’ थीम पर आधारित 16 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों और 10 केंद्रीय मंत्रालयों/विभागों की झांकियां प्रस्तुत की गईं। इन झांकियों ने भारत की सांस्कृतिक समृद्धि, परंपराओं और आधुनिक उपलब्धियों को प्रदर्शित किया। उदाहरण के लिए, उत्तर प्रदेश की झांकी ने महाकुंभ 2025 को दर्शाया, जबकि मध्य प्रदेश की झांकी में कुनो राष्ट्रीय उद्यान में चीतों की वापसी को प्रदर्शित किया गया।
सैन्य शक्ति का प्रदर्शन: तीनों सेनाओं की संयुक्त झांकी
इस वर्ष पहली बार, तीनों सेनाओं की संयुक्त झांकी ‘सशक्त और सुरक्षित भारत’ थीम के साथ प्रस्तुत की गई। इस झांकी में अर्जुन मुख्य युद्धक टैंक, तेजस एमके II लड़ाकू विमान, उन्नत हल्के हेलीकॉप्टर, विध्वंसक युद्धपोत आईएनएस विशाखापत्तनम और एक दूर से संचालित होने वाले विमान की झलक दिखाई गई। यह झांकी सशस्त्र बलों में संयुक्तता और एकीकरण की भावना को प्रदर्शित करती है, जो राष्ट्रीय सुरक्षा और परिचालन उत्कृष्टता सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण है।
जनभागीदारी और विशेष अतिथियों का सम्मान
इस वर्ष के गणतंत्र दिवस समारोह में 34 श्रेणियों से लगभग 10,000 विशेष अतिथियों को आमंत्रित किया गया, जिनमें प्रमुख सरकारी योजनाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले गांवों के सरपंच, शिक्षक, नर्स, किसान, और अन्य क्षेत्रों के प्रतिनिधि शामिल थे।इन अतिथियों को विशेष रूप से आमंत्रित करके राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान को सम्मानित किया गया।
फ्लाईपास्ट और समापन समारोह
परेड का समापन 47 विमानों के भव्य फ्लाईपास्ट के साथ हुआ, जिसमें भारतीय वायुसेना, नौसेना और सेना के विमान शामिल थे। इस फ्लाईपास्ट ने देश की वायु शक्ति और सैन्य कौशल का प्रदर्शन किया, जो दर्शकों के लिए एक रोमांचक अनुभव था।
