आशा का दीपक, by Sunil Prakash
जब राहों में अंधेरा हो,और सपनों पर धुंध छाई हो।तब भी मन के आंगन में,आशा की एक लौ जगाई हो।...
जब राहों में अंधेरा हो,और सपनों पर धुंध छाई हो।तब भी मन के आंगन में,आशा की एक लौ जगाई हो।...
नौकरी है जीवन का मेला,सपनों की गठरी, मेहनत का ढेला।सुबह-सुबह है दौड़ लगानी,फिर भी सैलरी आधी पानी। बॉस के हुक्म,...
वीर जवान, तेरी गाथा, अमर रहेगी सदियों तक,तेरे बलिदान की रोशनी, चमकेगी सदियों तक। 14 फरवरी की वो संध्या, जब...
मोबाइल ने बदला समय का रंग,हर हाथ में अब इसका संग।दूरियों को इसने पास बनाया,पर अपनों से दिलों को दूर...
आज के बच्चों का बचपन बचपन अब वो कहां रहा,जहां मिट्टी में खेला मज़ा रहा।न रेत के किले, न गुलेल...
मोबाइल और बच्चेछोटे-छोटे नन्हे हाथ,पकड़े मोबाइल दिन और रात।खेल-खेल में सीख गए चालाकी,भूल गए किताबें, छूट गई नटखट प्यारी शरारती।...